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On-Page SEO Kya Hai

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आज हम On-page SEO क्या है? इसकी जानकारी लेंगे. Search result में high rank पाने के लिए Content को optimize करना बहूत जरुरी होता है. आपको पता होगा. की, सर्च इंजन में कितना competition हे और रैंक पाना कितना कठिन! क्योंकि, Google में first page पर only 10 web pages list किये जा सकते है और उन्हें rank कराने का एकमात्र तरीका है: On-Page SEO और इसके बिना हमारे पोस्ट को टॉप पर लाना काफी कठिन है.

क्या आप जानते है? रोजाना हजारो नए ब्लॉग क्रिएट किये जाते है. और बंद भी! इसके पीछे का मुख्य कारण है. की, लोग पैसे का लालच और पैशन के चलते ब्लॉग तो बना लेते है. लेकिन, SEO को ठीक से समझ नहीं पाते. जिसका, नतीजा यह होता हे. की, ना तो ट्रैफिक मिलता हे, और नहीं पैसा मिलता है. दोस्तों! माना की search engine optimization को समझना या फिर सीखना कठिन है. लेकिन, नामुनकिन नहीं. क्योकि, यह कोई Rocket Science नहीं है. सिर्फ एक algorithum है. बस आपको इसके बारे में ठीक से गाइड मिलना चाहिये. इसीलिये, आज के पोस्ट में हम On-Page Optimization techniques सीखने वाले है.

इससे पहले हमने SEO के पोस्ट में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में बेसिक जानकारी ली थी. जिसमे मैंने आपको बताया था. की, SEO के दो प्रकार है: (1) On-page & (2) Of-Page अगर आपने अभीतक वह आर्टिकल नहीं पढ़ा. तो कृपया करके, पढ़ लीजिये. क्योंकि, किसी भी चीज को सिखने से पहले बेसिक से शुरुवात करनी पड़ती है.

खेर छोड़िये! तो, आज हम जानेंगे. On-page SEO क्या है? और यह कैसे करते है. इस पोस्ट में आपको सही और पुरा गाइड करूँगा. तो इसे ध्यान से पढिये.

On-page SEO Techniques And Checklist Hindi

1. Keyword Research

क्या आप जानते है? search engine optimization का बेसिक पार्ट शुरू “कीवर्ड रीसर्चिंग” से होता है. क्योंकि, कोही भी आर्टिकल लिखने से पहले इसके बारे में जानना जरुरी होता है. की, में जो आर्टिकल लिखने जा रहा हूँ. उसकी सर्च वैल्यू कैसे है. इसका मतलब यह है. की, क्या उसे कोई सर्च करता भी है या नहीं? करता है तो कोंसे कीवर्ड से करता है.

तो besically, हम जो आर्टिकल लिखते है. तो लोग उसके रिलेटेड कोंसी क्वेरी गूगल में डालते है. उसे ही focus keyword कहते है. तो इसीलिये इसे जानना काफी जरुरी होता है. क्योंकि, कही बार ऐसा होता है. न्यू ब्लॉगर सिर्फ आर्टिकल लिखने पर फोकस करते है. और unfortunatlly उनकी पोस्ट ऐसे क्वेरी पर रैंक होती है. जिसे लोग सर्च ही नहीं करते. और नतीजा यह होता है. की, ब्लॉग पर ट्रैफिक ही नहीं आता.

अगर scientifacally इसके बेनिफिट को समझते है. तो हमारा कंटेंट किस कीवर्ड पर rank करे जिस्से organic traffic हासिल हो. इसके लिये एक अच्छा सा key word find करके, उसीपर कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करना जरुरी है. में यहाँ पर कुछ पॉइंट्स को highlight कर रहा हूँ. जिसमे आपको अपना keyword add करना है.

2. Title Tag

दूसरा आपको जिस बात का ध्यान रखना है. वो है title tag. क्योंकि, यह आर्टिकल को लिखने के वक्त की सबसे पहेली स्टेप है. पर आपको जानकर हैरानी होगी. की, इसे लिखने का भी प्रॉपर तरीका है.

ज्यादतर successful blogger का यही मानना है. की, टाइटल हमेश 55-65 characher में होना चाहिये. मतलब ABC यह तीन charcter हुए. तो आपको अपने ब्लॉग पोस्ट का जो टॉपिक है उसके रिलेटेड के अच्छासा शीर्षक 55 alphabets तक देना है. और सबसे जरुरी जिस बात का ध्यान रखना है. वो है यह है की, फोकस कीवर्ड टाइटल के शुरुवात में use होना चाहिये. आप निचे फिरसे एक बार क्विक टिप्स देख सकते है.

3. Permalink

Title की तरह ही blog post का URL भी On-Page SEO में काफी जरुरी है. और बाकि फैक्टर्स की तरह इसे भी बड़ा महत्व दिया है. ब्लॉग पोस्ट का permalink कैसा होना चाहिए. इसके बारे में निचे पॉइंट्स और example को ठीक से समझिये.

4. Begining of an article

अब में आपको बताऊंगा. की, किसी भी लेख की शुरवात कैसे करे? जिस्से हमें रैंकिंग में बेनिफिट मिले. तो दोस्तों! एक बात हमेशा ध्यान रखे की, आपको जो भी टार्गेटेड वर्ड है उसे; फर्स्ट पैराग्राफ में हमेशा पहेले 100 वर्ड्स के अन्दर करना चाहिए. और हो सके तो पहले पैराग्राफ में एक ही बार उस शब्द को उसे करने की कोशिश करे.

5. Headings

अब बारी आती है, हैडिंग की. Headings किसी भी आर्टिकल को user friendly बनाने की कोशिश करती है. और हमारे पोस्ट के टॉपिक को पॉइंट में बताने की कोशिश करते है. जिसे यूजर को लेख पढ़ने और समझने में आसानी होती है. इसी बात को googleboats भी पसंद करते है. इसीलिये हमेशा अपने content में २-३headings जरुर इन्सर्ट कीजिये.

लेकिन, एक बात का आपको हमेशा ध्यान रखना है. जिसके बारे में नए bloggers को पता ही नहीं होता और गलती कर बैठते है. जरसल, होता यह है. की, newbies अपने पोस्ट की शुरुवात main heading(H1) से करते है. जो की एक गलत तरीका है. अब आप सोचेंगे ऐसा क्यों?

तो मित्रो! असल में हम blogging करने के लिये जिस भी प्लेटफार्म का use करते है. चाहे वो ब्लॉगर हो या wordpress या अन्य कोई CMS(Content Management System Tool) इसे बनाया ही ऐसा गया है. की, आप किसी भी पोस्ट को जो टाइटल टैग देंगे. By डिफ़ॉल्ट वो आपकी H1 टैग बन जाएगी. इसीलिये दोबारा H1 लेने की जरुरत नहीं है.

गूगल ने भी इस बात को सांफ बताया है. की, एक आर्टिकल में दो मेन हैडिंग नहीं हो सकती. इसीलिए सीधा H2 से शुरुवात करे. मैंने जो आपको बताया है. अगर आपको इसके बारे में पुष्टि करनी है. तो आप अपने blogpost का source code चेक करके देख सकते है. जो आपने शीर्षक दिया था. वोही एच1 शो करेगा.

अब दूसरी बात, पूरे आर्टिकल में atlist 2 headings ऐसे होने चाहिए. जिसमे फोकस कीवर्ड का उसे होना चाहिए.

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